तुझमे घुल जाउँ
तुझमे समा जाउ
अपने वजुद से इतर
तुझको सौप दूं खुदको
मेरा अभिमान तुझसे
मेरा हर अक्स तुझसे
इस कदर खो जाउँ
परतो मे परत दर परत
तुझसे जुड रेत बन जाउँ
मेरा रंग पानी हो जाये
तुम संमदर जैसी हो जाना!!
तुझमे समा जाउ
अपने वजुद से इतर
तुझको सौप दूं खुदको
मेरा अभिमान तुझसे
मेरा हर अक्स तुझसे
इस कदर खो जाउँ
परतो मे परत दर परत
तुझसे जुड रेत बन जाउँ
मेरा रंग पानी हो जाये
तुम संमदर जैसी हो जाना!!
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