ईश्वर ने अमीर
ही बनाया है इंसान को
इतना बडा साम्राज्य दे दिया है भोगने को
बेहिसाब पानी दिया है मुफ्त का आसमान
जीवन को जीते रहने का हुनर भी दिया है
फसले दी है फसल चक्र दिया है
इतनी ढेर सारी विविधताये सौपी है
संपदाओ का ढेर सौप दिया है मानव को
श्रृष्टि को जानने समझने का हुनर दिया है
कल को शायद हम ग्रहो तक पहुंच जाये
ब्रम्हाण्ड की विशाल संपदा को अपनाये
ये जीजिविसा भी तो भगवान ने सौपी है
ईश्वर ने अपनी उर्जा ही साक्षात दे दी है
हे मानव तु निर्माण कर अहिर्निष
साकार कर हर सपने को
ये योग्यता भी मालिक ने सौपी है!!
इतना बडा साम्राज्य दे दिया है भोगने को
बेहिसाब पानी दिया है मुफ्त का आसमान
जीवन को जीते रहने का हुनर भी दिया है
फसले दी है फसल चक्र दिया है
इतनी ढेर सारी विविधताये सौपी है
संपदाओ का ढेर सौप दिया है मानव को
श्रृष्टि को जानने समझने का हुनर दिया है
कल को शायद हम ग्रहो तक पहुंच जाये
ब्रम्हाण्ड की विशाल संपदा को अपनाये
ये जीजिविसा भी तो भगवान ने सौपी है
ईश्वर ने अपनी उर्जा ही साक्षात दे दी है
हे मानव तु निर्माण कर अहिर्निष
साकार कर हर सपने को
ये योग्यता भी मालिक ने सौपी है!!
No comments:
Post a Comment