मै शब्दो को
पिरोना सिख रहा
उनसे नये भावनाये पैदा कर रहा
थोडा उद्देलित कर पाउँ खुद को
इसलिये शब्दो से हूं खेलता
मेरे दोस्त है ये पिरोये शब्द
क्यो ना हो इनसे ही तो मन की बात कहता!!
उनसे नये भावनाये पैदा कर रहा
थोडा उद्देलित कर पाउँ खुद को
इसलिये शब्दो से हूं खेलता
मेरे दोस्त है ये पिरोये शब्द
क्यो ना हो इनसे ही तो मन की बात कहता!!
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