Thursday, January 12, 2017

क्या सिमाये है मेरी 
मेरी क्या औकात
बहुत खुब नजर आ रही है
मुझको मुझसे जोड रही है
मेरे वजुद को बता रही है
मेरे अक्स को आईना दिखा रही है
मै भी निरंकुश चलता जा रहा
मेरी अपनी मंजिले मेरा अपना रास्ता!

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