तुम लाख परेशान हो
तुम्हारा कुछ खो गया हो
कुछ तुम्हारा टुट गया हो
तुम अगर हारते दिख रहे हो
अगर तुम अपने प्रयास मे सच्चे हो
अगर तुमने अपनी आत्मीय आवाज सुनी है
अगर तुम खुद के प्रति सच्चे हो
तो यकिन मानो तुम हार नही सकते
तो यकिन मानो तुम रण छोण नही सकते
आखिर रक्त जबतक रगो मे बह रहा होगा
तुम्हारा विजय कही श्रृजित हो रहा होगा
ये वैसे ही निश्चित है जैसे मौत
ये वैसे ही निश्चित है जैसे दिन के बाद रात
तु अपने कदम मत डिगा सत्य मार्ग पर चलता जा
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