विज्ञान और आस्था दो अलग पहलु जरूर है
एक जो विश्वास करे सबुत पर
एक जो आत्मा महसुस करे
एक जो प्रयोगशालाओं मे परखा जाये
एक जो जीवन यज्ञ मे दर्शन कराये
दोनो नदियों के दो तट है
जैसे आज विज्ञान प्रगतिशील है
लगभग हर प्रश्नो का उत्तर समेटे है
लगभग हर बाधाओ को तोडे है
हर सुख सुविधा इंसान को प्रदत्त की है
फिर भी इंसान आत्मिक सुख से दुर
घुटन, चिन्ता और अवसाद ग्रस्त है
क्या कारण है इसका क्यो ये नतीजा आया प्रयोगशालाओं तक क्यो ना इसका हल आया
यही पर आस्था होती प्रबल है
ईश्वरीय सत्ता का मिलता अस्तित्व है
आत्मिक सुख का परिचय है मिलता
जो प्रयोगशालाओं मे नही है बनता
इश्वरीय शक्ति को मान लो
स्वयं पर विश्वास करो
शांति के लिये इस राह पर चलो
आस्था को हृदय मे जगह दो
ईश्वरीय शक्ति पर विश्वास दो
जीवन तभी सुगम है
जीवन तभी सफल है
जीवन तभी मुक्त है
Wednesday, January 11, 2017
विज्ञान और आस्था
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment