स्वयं से स्वयं
का आविष्कार करना है
बदलाव को स्वयं के प्रयास से लाना है
आप ही हर बात के जिम्मेदार हो
हर उँच नीच के तुम खुद वाहक हो
दुसरे के कहने से बदलाव नही आते
गहरे उतरो खुद मे तो राह नजर आते
भुल जाओ दुनिया को अपने आविष्कार मे
कुछ भी नही प्रमुख तुम्हारे प्रार्रूभाव के आगे
चलो की थकना नही है पथ मे
मंजिले बितेंगी तुम्हारे कदम दर कदम चलने से!!
बदलाव को स्वयं के प्रयास से लाना है
आप ही हर बात के जिम्मेदार हो
हर उँच नीच के तुम खुद वाहक हो
दुसरे के कहने से बदलाव नही आते
गहरे उतरो खुद मे तो राह नजर आते
भुल जाओ दुनिया को अपने आविष्कार मे
कुछ भी नही प्रमुख तुम्हारे प्रार्रूभाव के आगे
चलो की थकना नही है पथ मे
मंजिले बितेंगी तुम्हारे कदम दर कदम चलने से!!
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