आखो मे खुन उतर
जाता है
जब आप योग्य हो और योग्यता नही मिलती
राह पे चलते हो पर मंजिल नही मिलती
आखो से देख तो पाते हो
जब किसी योग्य वस्तु को
उसका ना मिलपाना जहर ही घोलता है
आपको आपके एक नये व्यक्तित्व से दर्शन कराता है
आपको आपके मन के विरुद्ध भी धैर्य वान बनाता है
जब आप योग्य हो और योग्यता नही मिलती
राह पे चलते हो पर मंजिल नही मिलती
आखो से देख तो पाते हो
जब किसी योग्य वस्तु को
उसका ना मिलपाना जहर ही घोलता है
आपको आपके एक नये व्यक्तित्व से दर्शन कराता है
आपको आपके मन के विरुद्ध भी धैर्य वान बनाता है
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