प्रबल बन कर चोट
कर इस बार
दिवार ही है गिर जायेगा
बाधा ही है हट जायेगा
दुरी ही है मिट जायेगा
तेरा कोई भी दुख है घट जायेगा
जीवन फुल खिल जायेगा
इस बार तु मुस्कुरायेगा!!
दिवार ही है गिर जायेगा
बाधा ही है हट जायेगा
दुरी ही है मिट जायेगा
तेरा कोई भी दुख है घट जायेगा
जीवन फुल खिल जायेगा
इस बार तु मुस्कुरायेगा!!
No comments:
Post a Comment