Thursday, January 12, 2017

बचपन मे खिलौने की तलाश
किशोर जब होते तो नम्बरो की तलाश
जवानी मे नौकरी की तलाश
परिवारिक जीवन मे शुकुन की तलाश
बुढापे मे सेहत की तलाश
एक अनिश्चित तलाश ही तो है जिन्दगी
मुकाम दर मुकाम बीत जाने का नाम है जिन्दगी
कुछ भी नही रहता निरंतर
सब कुछ भुल जाने का नाम है जिन्दगी!!

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